Man Ki Parchhai(Hindi)
Author :Punit Kumar Mishra
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पुनीत मिश्रा द्वारा लिखित कविता संग्रह "मन की परछाई" वास्तव में मन में उत्पन्न हुए विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं का कागज पर शब्दों में उतारा हुआ एक प्रतिबिंब है, एक परछाईं है। एक बीज की भाँति एक रुचि ने मन की मिट्टी में बस कर, वर्षों के अनुभवों से...
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उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में जन्मे पुनीत मिश्रा ने अपनी स्नातक तकनीकी शिक्षा कमला नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान सुलतानपुर से एवं स्नातकोत्तर भारती...
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Category :Poetry
ISBN No :9781545755181
Language : English
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पुनीत मिश्रा द्वारा लिखित कविता संग्रह "मन की परछाई" वास्तव में मन में उत्पन्न हुए विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं का कागज पर शब्दों में उतारा हुआ एक प्रतिबिंब है, एक परछाईं है। एक बीज की भाँति एक रुचि ने मन की मिट्टी में बस कर, वर्षों के अनुभवों से सिंचकर अब इस कविता संग्रह का रूप लिया है। "मन की परछाई" में हिंदी कविताओं,गज़लों और नज्मों के माध्यम से कवि अपने पाठकों का उनके अपने अंतस के उन पहलुओं के साथ साक्षात्कार कराना चाहता है जो बड़े समय से उपेक्षित है या शायद जो कभी शब्दों में अभिव्यक्त नहीं हो पाए। ये रचनाएँ संशय, विरोध, क्रोध, संघर्ष, प्रेम, विरह, वेदना, सम्मान, विश्वास, ठहराव इत्यादि मन:स्थितियों के इर्द गिर्द बहती है और संभवत: यही इनका आकर्षण है।
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उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में जन्मे पुनीत मिश्रा ने अपनी स्नातक तकनीकी शिक्षा कमला नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान सुलतानपुर से एवं स्नातकोत्तर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर से 2001 में पूरी की। वर्तमान में यह एक सॉफ्टवेर कंसल्टिंग एमएमसी में कार्यरत हैं और गुडगाँव के निवासी हैं।अपनी शिक्षा के बड़े ही प्रारंभिक समय से इन्हें हिंदी साहित्य विशेषकर कविताओं के प्रति बड़ी गहन रुचि रही है और कम आयु में ही इन्हें कई मंचों से कविता पाठ करने का अवसर मिला। कभी समकालीन विषयों पर अपने विचारों को रखती तो कभी भावुक हृदय की गहराइयों से जन्म लेती इनकी कविताएं जटिल मानवीय भावनाओं और संवेदनाओं को भी बड़ी सहजता से शब्दों के ताने बाने में प्रतिबिंबित करती हैं। अध्यात्म साहित्य में भी रूचि रखते हुए ये वेद उपनिषद इत्यादि का नियमित पाठन करते हैं और इनका ये झुकाव कुछ कविताओं में भी दृष्टिगत होता है। कविताओं के अलावा पुनीत चित्रकला में भी दक्ष हैं और कई माध्यमों में पेंटिंग करते हैं जो दर्शकों को बहुत भाती हैं।
